आम जन की आवाज़

एक ओर देश भक्तों की कतार है
एक ओर गद्दारों की जमात है
एक ओर बाबा रामदेव है
एक ओर अंग्रेजी सेवक बाबू
एक ओर सर्वधर्म शादीवाले
एक ओर हर प्रकार से बाटने वाले
एक ओर ब्राहम्ण ही प्रतिभा का अधिष्ठाता बना है
एक ओर अंग्रेजी है योग्यता और प्रतिभा का मापदण्ड
एक ओर धन की तूती बोलती है, देवता विकते हैं
एक ओर कालों में क्रीमी कालों की श्रेष्ठता
किसी न किसी से श्रेष्ठता रखना फितरत बन गई है
इस देश का क्या कहना
मन में कपट बगल में राम-अल्लाह-ईसा रखना
इस देश का क्या कहना
राष्ट्रगान का अर्थ न जाना
जन भाषा का विरोध करना
अंग्रेजी की जूती सहना
इस देश का क्या कहना
सब धर्मों की बातें कहना
जाति-पाति को आगे लाना
चापलूसी गद्दारी करना
हिन्दू बनना, ब्राहम्ण होना
सही को सही कभी न कहना
योग्यता का तमगा पहने रहना
जन कल्याण की बातें आए
उसमें रोड़ा बन कर अड़ना
ब्राहम्ण होना, हिन्दू होना
अंग्रेजी की पूजा करना
अन्धविश्वास, भाग्यवाद,शोषण को तर्क से सही बताना
न्यायधिश, वैज्ञानिक बनकर,घूस खना ऊँचा बन जाना
इस देश का क्या कहना
हे मूरख यह पहचानों
जनता की प्रगति के लिए
वैज्ञानिक दृष्टि आवश्यक है
राष्ट्रभाषा में शिक्षा होना, विश्वभाषा को संग रखना
इस लिए आरक्षण को स्वीकार करो
जाति-पाति, धर्म के आडम्बर का परित्याग करो
जनता जब आएगी मैदानों में
भारत का नाम रोशन हो जाएगा आसमानों में
हे! नफरत विद्वेश करने वाले
मध्यम वर्ग को प्यार करो
यदि जिन्दा रहना है और जिन्दा रखना है
सभ्यता, संस्कृति, प्यार-मोहब्बत, चैन, शांति देश की
मूल धारा से जो कट गए है उनको जोड़ो प्यार करो
मूलधारा को तिरछा खींचकर
जनधारा से मत दूर करो
दोहरी शिक्षा नीति बनाकर
धन-अंग्रेजी को योग्यता का आधार बनाया
इस तरह, विश्वभाषा का मत अपमान करो
वैज्ञानिक नीति अपना कर
जनता का मार्ग प्रशस्त करो
सबको शिक्षा, सबको रोजगार मिले
मत ईलिट-वर्ग बना कर, पुन: इस देश को बदनाम करो.
यदि प्रगति पर बढ़जाना है तो, जन भवना का सम्मान करो ग्रहण करो कुछ ज्ञान चीन से हर कर्म, जनभाषा, जाति,धर्म क्षेत्र का सम्मान करो? कर्म करो, स्वाभिमान करो जनधारा को मूलधारा बनाओ प्यार करो, सम्मन करो
सबके हक़ का मान करो विश्व विजयी कहलाओगे जनगण का सम्मान करो.
आकाश

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भक्ति आंदोलन और प्रमुख कवि

विश्वविख्यात पहलवान नरसिंह यादव के साथ धोखा क्यों?

मित्र पर कविता