दोस्ती

दिवाली के दिप जले शान से
यारों की यारी
रंग लाये प्यार से
दीप के बिन है
दिवाली अधूरी
दोस्त के बिन है
जिंदिगी अधुरी
भवरे को फूल की
महक है प्यरी
दोस्ती तो दोस्ती है सबसे न्यारी
दुनिय को भले
दौलत है सबकुछ
दोस्ती को लगे
दोस्ती है सबकुछ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भक्ति आंदोलन और प्रमुख कवि

विश्वविख्यात पहलवान नरसिंह यादव के साथ धोखा क्यों?

मित्र पर कविता