अहीर या आहिर शब्द का अर्थ होता है, वीर, बहादुर, निडर, भयहीन। यह शब्द संस्कृत के आभीर शब्द से बना है। यह शब्द आभीर जनजातियों के लिए प्रयोग किया जाता है। ये जाति बहुत बहादूर और निडर स्वभाव की होती है। इनमें गोत्र और खाप परंपरा के अनुसार पंचायतें चलती है। इन्हें अपनी रक्त शुद्धि पर बहुत गर्व रहता है। भगवान श्री कृष्ण इसी जाति में पैदा हुए थे। वास्तव में समाज में यह मुहावरा प्रचलित है कि अहीर होना अर्थात निडर होना, साहसी होना। भारतीय समाज में स्त्रियों का सपना होता है कि उन्हें अहीर गुण वाला पति मिले। क्योंकि आभीर उच्चकोटि के प्रेमी होते हैं। बचन के पक्के होते है, साहस, वीरता के साथ-साथ इनमें दया, धीरता और रक्षा के भाव भरे होते हैं, शायद इसलिए नारी जाति इन पर बहुत भरोसा करती है और मन ही मन अहीर जैसे वर की कल्पना करती रहती हैं। आभीर जनजाति दुनिया की बहादुर और भयानक आक्रांता के रूप में प्राचीन काल से ही प्रसिद्ध है। यह जनजाति अपने प्रारंभिक काल से घुमंतू प्रकृति की थी, क्योंकि इसके जीवन यापन का आधार पशुपालन था। गाय, भैंस , बकरी आदि का पालन करने के लिए घास के मैदान और मीठे पानी की आ...
मेरा भारत सच में महान है। 5G प्लस प्लस का नेटवर्क 2G के समान है। जिओ अपना इतना करता प्रचार है किंतु वास्तव में उसका नेटवर्क एकदम बेकार है। लोगों के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, बीएसएनल जो गवर्नमेंट की नेटवर्किंग संस्था है पहले ही मर चुकी है। एयरटेल बचा है जिसकी सेवा बहुत कम जगह पर उपलब्ध है। बाकी कोई कॉम्पिटेटिव नेटवर्क कहीं नहीं भारत देशवा में बचा है। जनता त्राहि त्राहि करती है, नेता जनता पर मरता है। वास्तव में कुछ नहीं करता है। सच कहूं तो बिजली तो नहीं थी, सोशल मीडिया के भरोसे लोग जी रहे थे। जी क्या बस समय पास कर रहे थे। अब तो नेटवर्क बिजली का बाप बन गया है। इंटरनेट सरकारी नल से चूता हुआ पानी बन गया है। अपने भारत देशवा का यही घर घर की कहानी हो गया है।
दोस्तों, हिंदी भाषा की पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिताओं के लिए आप इस प्रकार प्रमाण-पत्र बना कर विद्यार्थियों को दे सकते हैं। हमने अपने विद्यार्थियों के लिए बनाया है, जिसे विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक करने का प्रयत्न किया गया है।