हमारा भारत महान है,
गद्दारों की शान है,
देश द्रोहियों की जान है
विदेशियों को सम्मान है
देशीयों का अपमान है
हमारा भारत महान है
यहाँ जनता वेहाल है
न्याय मिलना असंभव काम है
उसकी भाषा कोई न समझे
उसके ही देश शासन और सरकार में
यह गरीब के लिए बहुत बड़ा अपमान है
अधिकारी से दुत्कार मिलती है
सरकार तो बेइमान है
सबकी आखों की आरजू
सुना है जहाँ मिलता सबको न्याय है
देश का अमीर तबका, श्रेष्ठ जातियाँ
जिस पर करती हैं अभिमान
वह सबसे सम्मानित
सुपरिमकोर्ट!
भी महान है,
यह भी जनता की नहीं
सुन सकती जबान है
इसमें भी नहीं जन भाषा का सम्मान है
हमारा भारत महान है
विदेशी हैं परम आदरणीय
आफ्सर बोलते हैं उनकी जुबान रे
पर नहीं समझते देशी भाषा
देशी जनता का सम्मान रे
क्यों हो देशी? सहो अपमान
नहीं कभी होगा तुझमें सुधार
ऐसे रखे विचार रे
तो कैसे होगा
अपना भारत महान रे
फिर भी
हम सुनते हैं
हमारा भारत महान रे.

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