उत्तर प्रदेश में जनगणना कैसे हो रही है?
जैसा कि सबको मालूम है पूरे देश में जनगणना 2026 चल रही है। इधर जनगणना का एक वास्तविक स्वरूप मैं अपने गांव में देखा। जनगणना कर्मी एक जगह बैठ जाते हैं और पूरे गांव के लोगों की सूचनाएं और लोगों की गिनती अपने इच्छा और समझ के अनुसार लिख लेते हैं। वास्तव में यह एक फेक डेटा होता है। प्रशासन को चाहिए कि जनगणना में यह सुनिश्चित करे कि जनगणना कर्मी गिनती किए गए परिवार के किसी सदस्य का हस्ताक्षर उसके आधार कार्ड नंबर के साथ अवश्य लें। सरकार एक बार जाने के लिए 9000 हजार रुपए दे रही है, किंतु जनगणना कर्मी विशेष कर उत्तर प्रदेश और बिहार में फेक डेटा बना रहे हैं। वास्तव में देख कर ऐसा लग रहा है कि जब डेटा ही गलत होगा तो उस पर बनी नीतियों का प्रभाव कैसे सही होगा।