कितना कोशिश कितना पानी

दोस्तों ब्लोग बनाने के लिए हमने कितनी कोशिश किया परंतु अभी भी सफलता नही मिल रही है.

तुम कितनी हसिन है
यह केवल मैं जनता हूँ,
लाख भाग ले हमसे,
हम तेरा साथ न छोड़ेगे,
लोग चाहते हैं पीना सूरूरी नशीली आंखें,
नही देख पाते सौम्य शीतन चितवन
कह दो उनसे तुम रोते हुए हँसता रह,
हमें तो सवन की बहार मिल गई है.

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