आज का दिन


सुबह से आज का दिन अच्छा रहा है, मैं आज सोच रहा था कि लोगों के हिन्दी पृष्टों को बहुत ध्यान से पढ़ूंगा और हिन्दी के बढ़ते प्रयोग पर खुब खुश होंगे चला गया पालोलेम समुद्र के किनारे जहाँ सुन्दर सुन्दर परिओं का निवास प्रवासी पक्षियों के समान समुद्र में गोता लगाता दिखा। उसका एक नमूना यहाँ पर प्रस्तुत है।
दूसरे विषय को दिखानें के लिए हम आप को ले चलते है इधर

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भक्ति आंदोलन और प्रमुख कवि

मातृभाषा शिक्षण का माध्यम क्यों नहीं?

विश्वविख्यात पहलवान नरसिंह यादव के साथ धोखा क्यों?